बोधिसत्व महात्मा गौतम बुद्ध
विश्व को शांति एवं मानवता का संदेश देने वाले दया एवं करुणा के सागर बहुजन हिताय लोक कल्याण के लिए समर्पित महान दार्शनिक बौद्ध धर्म के संस्थापक महामानव बोधिसत्व महात्मा बुद्ध के चरणों में समर्पित |
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा सामाजिक न्याय, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे पर आधारित थी, जिसमें शिक्षा, संगठन और संघर्ष के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन पर जोर दिया गया था
विश्व रत्न डॉ भीम राव आंबेडकर ( बाबा साहब)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की विचारधारा में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और राष्ट्रीय विकास के प्रति गहरा समर्पण शामिल था भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना था, जिसके लिए उन्होंने युवाओं की क्षमता को पहचानते हुए उन्हें प्रेरित करने पर जोर दिया।
भगत सिंह का मानना था कि साम्राज्यवाद का अंत होना चाहिए और भारत में एक समाजवादी व्यवस्था आनी चाहिए, जिसमें समानता और स्वतंत्रता हो
भगत सिंह
हमारी विचारधारा शिक्षा पर बल, विज्ञान, प्रौद्योगिकी के साथ-साथ आपसी प्रेम,करुणा और एक दूसरे के प्रति भाईचारा और समर्पण
विश्वास में वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है। विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इन्सान को पत्थरदिल बना सकता है।
माननीय एन पी आनंद ( अधिवक्ता )
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया
राष्ट्रीय अध्यक्ष _ राष्ट्रीय शोषित दल